रांची। सिरमटोली के पास बन रहे फ्लाईओवर के रैंप निर्माण के विरोध में आदिवासी संगठनों ने शनिवार को रांची बंद का आह्वान किया। सुबह से ही प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और विभिन्न स्थानों पर सड़क जाम कर दिया।
रांची के अरगोड़ा, लोवाडीह, रातू के तिलता, पंडरा महावीर मंदिर सहित कई जगहों पर टायर जलाकर प्रदर्शन किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। रातू के तिलता में सड़क जाम के कारण वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिसमें एक एंबुलेंस भी फंस गई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर एंबुलेंस को बाहर निकाला।
आन्दोलन करने वालों का कहना है कि सिरमटोली सरना स्थल के पास रैंप का निर्माण कर सरना स्थल को छोटा कर दिया गया है। यहां पर सरहुल जुलूस में हजारों लोग शामिल होते है। वहीं, रांची बंद की वजह से राजधानी की सड़कों पर कम वाहन दिख रहे हैं। शहर में ऑटो का परिचालन बंद है। कहीं-कहीं इक्के दुक्के ऑटो नजर आ रहे हैं।
कार और मोटरसाइकिल भी कम चल रहे हैं। मेन रोड, सर्कुलर रोड, कांके रोड, हरमू रोड, कोकर रोड, बूटी मोड़ से सुजाता चौक रोड, डोरंडा, हिनू सहित अन्य इलाकों में कुछ दुकानें भी नहीं खुली हैं।
दूसरी ओर उपद्रवियों से निपटने के लिए शहर के सभी चौक-चौराहों पर दंडाधिकारी के साथ अतिरिक्त पुलिस बल के जवान तैनात हैं। कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। साथ ही चौक-चौराहे पर तैनात जवान को ब्रीफ भी कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि आदिवासी संगठन ने फ्लाईओवर के रैंप के विरोध में 22 मार्च को रांची बंद की घाेंषणा कर दी थी। इसको लेकर शुक्रवार शाम में संयुक्त आदिवासी संगठनों ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अलबर्ट एक्का चौक तक मशाल जुलूस निकाला था। संयुक्त रूप से कहा गया था कि शनिवार का रांची बंद ऐतिहासिक होगा।
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